नंदन-वन की नंदिनी

नंदन-वन की नंदिनी

Wednesday, April 27, 2011

NAMUMKIN JEET...................

भ्रष्टाचार   हो  या ,
  ईमानदारी   हो  ,
हम जो बीज  बोते है ,
  वही उगता है ....
बस समज ने में    साल निकल जाता है .....

अन्ना ने सोचा चलो लड़ते है ,
घपलो की खेती में सुनामी लाते है    

सुखराम जी का बी एक फरमान निकला ,
चलो ..अन्ना के साथ जंतर मंतर ...
न कोई  हथियार ,न फत्हर......

उपोषण पे तो बैटना है ..
घपलो के बाज़ार में ....

  ईमानदारी की स्थापना करना है ....

सत्य की पुकार थी ...
लड़ने का जूनून था ..
काला   पैसा लाना है लाना है........
सुखराम जी का फोन चिल्ला उठा....
हेल्लो कौन बोल रहा है.........???
सर मै...
गाववालो को फसाया है ...
कोरे कागज़ पर अंगुता बी लगवाया है ....

तिलिस्मी   मुस्कान के साथ ....
        सुखराम जी बोले..........
अभी हम भ्रष्टाचार के खिलाप ...
मोर्चे में है........

सामने घूरते  दादा जी बोले........
"सत्यमेव जयते "
सिर्फ अशोक में माथे पर लिखा है..........

भ्रष्टाचार का चेहरा नहीं होता.....
वश या वर्ग बी नहीं होता.....
जाता बी नहीं उस्सका "अस्तित्व "........

वह सर्वकालीन है ,सर्व स्तलिय है ,सार्वजनीन है .....

अगर हम खुद को जान ले......
       बदल ले..........
  दुसरे को हम खुद में ''''
देख पाए तो ...........
भ्रष्टाचार की जीत  "नामुमकिन  "  है.........

14 comments:

  1. bahut acchi baat kahi aapne
    भ्रष्टाचार का चेहरा नहीं होता.....
    वश या वर्ग बी नहीं होता

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  2. क्या बात है नंदनी जी क्या खूब लिखा है... आपने तो मेरा मन मोह लिया क्या बताऊ ...........मेरे पास शब्द नहीं है

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  3. Didu tumne sach me bhaut bhahut khub likha hai.

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  4. विरोधाभासों पर अच्छी चुटकी है दी...
    आप सच कहती हो, भ्रष्टाचार को पराजित करने के लिए पहले हमें अपने लोभ और लालसाओं को पराजित करना होगा...

    आप को निरंतर लिखना चाहिए दी... शुभकामनाएं..

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  5. "सत्यमेव जयते "
    सिर्फ अशोक में माथे पर लिखा है..........

    bahut khoob dear sis

    well done

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  6. nandini ji aapki laikhni aapki rachna meine pahle bhi padhi tab achha laga par aaj bahut achha laga aapki laikhni ko padh kar aapki kalam ka jaadu khub bikhra hai yahan par ..sawal jawaab talshti ...mere pyare se dost aapko mera salaam

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  7. IN THE PROCESS OF EVALUATION, CORRUPTION HAS BECOME A PART OF INDIAN BLOOD. ANOTHER REASONS ARE THERE. OPPRESSION, SUPPRESSION AND UNEQUAL DISTRIBUTION OF PROPERTY AND WEALTH HAD LEAD SOME PEOPLE IN THE WAY OF CORRUPTION. BUT THIS COUNTRY IS THE COUNTRY OF MONK AND SAINT. THEY BELIEVE IN GIVING ALL. SO , I PERSONALLY BELIEVE SOMEDAY THIS CORRUPTION WILL BE ERADICATED FROM THE ROOT BY THE STRENGTH OF OUR HERITAGE, SACRIFICE AND LOVE. I DO EARNESTLY REQUEST ALL THE FOLLOWERS OF THIS BLOG TO MAKE PUBLIC THIS BLOG WITH WIDE CIRCULATION AS NANDINI BEHEN HAS A DEDICATED MIND AGAINST THIS CORRUPTION.

    SOMEDAY THIS TRESS, BRANCHES WILL BE DE ROOTED FROM THE INDIAN CULTURE.
    SATYAMEB JAYTE.

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  8. http://www.pgcnews.com/news-editor1.html

    can we talk......? abour that

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  9. Awesome Poem on "Bhrashtachar".

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  10. logo ki tharif sey lagtha hai yeah meri behan ki geeth hai per muje aise आप को निरंतर लिखना चाहिए दी... शुभकामनाएं.dikaraha hai yeh kaisa reeth hai

    bus ek baar pad lo mere behan ka geetha
    app ki andar utegi andholana ka sangeetha

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  11. नंदिनी जी, आपके ब्लाग पर आपकी कवितांए पढी, काफ़ी अच्छा लिखती हैं आप।

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  12. क्या बात है नंदनी जी क्या खूब लिखा है... आपने तो मेरा मन मोह लिया क्या बताऊ ...........मेरे पास शब्द नहीं है
    I LOVE YOU MY SISTER AMAZING BEAUTIFUL LINES WOW!!
    cLICK this link see this is my own blog :-http://atulsharma78683.blogspot.com/

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